:
Breaking News

Patna Weather Update: बिहार में आंधी-बारिश और वज्रपात का अलर्ट, कई जिलों में 60 किमी रफ्तार से चलेंगी हवाएं, गर्मी भी करेगी परेशान

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

बिहार के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पटना समेत दक्षिण बिहार के कई इलाकों में तापमान 42 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। जानिए मौसम विभाग का ताजा अपडेट।

पटना/आलम की खबर:बिहार में मौसम एक बार फिर तेजी से बदलता नजर आ रहा है। राज्य के लोगों को आने वाले दिनों में एक साथ दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। एक तरफ भीषण गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ाएगी तो दूसरी ओर कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

पिछले कुछ दिनों से बिहार के अधिकांश इलाकों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इसी बीच मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वातावरण में नमी बढ़ने और मानसूनी गतिविधियों के सक्रिय होने से मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं।

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में बन रही परिस्थितियां दक्षिण-पश्चिम मानसून को आगे बढ़ाने में मदद कर रही हैं। इसका प्रभाव पूर्वी और उत्तरी बिहार के जिलों में सबसे पहले दिखाई दे सकता है। आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति के साथ बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।

इन जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना

मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार बिहार के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश हो सकती है। विशेष रूप से सीमांचल और पूर्वी बिहार के जिलों में मौसम अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा, जमुई, मुंगेर, बांका, खगड़िया और भागलपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाएं चल सकती हैं।

इन इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवा के कारण पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं, बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है तथा खुले स्थानों पर मौजूद लोगों को खतरा हो सकता है। ऐसे में किसानों, मजदूरों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पटना समेत मध्य बिहार के जिलों के लिए भी चेतावनी

राजधानी पटना सहित मध्य बिहार के कई जिलों में भी मौसम के खराब होने की संभावना व्यक्त की गई है। पटना, नालंदा, जहानाबाद, नवादा, गया, लखीसराय, शेखपुरा, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, समस्तीपुर और मधुबनी जिलों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।

हालांकि इन जिलों में हवाओं की रफ्तार अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है, फिर भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली हवाएं जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए लोगों को खुले मैदान, खेत, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहना चाहिए।

भीषण गर्मी से राहत अभी नहीं

मौसम में बदलाव की संभावना के बावजूद राज्य के कई हिस्सों में गर्मी का असर बरकरार रहेगा। दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम बिहार के जिलों में दिन का तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। पटना, गया, नालंदा, भोजपुर, बक्सर और रोहतास जैसे जिलों में अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।

तेज धूप और बढ़ती उमस के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दोपहर के समय सड़कें सूनी दिखाई दे सकती हैं और बाजारों में भी भीड़ कम होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश होने तक लोगों को गर्मी से पूरी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर

गर्मी और उमस का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। चिकित्सकों का कहना है कि अधिक तापमान के कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, चक्कर आना, थकान और कमजोरी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, हल्के और सूती कपड़े पहनें तथा अत्यधिक धूप में बाहर निकलने से बचें। यदि किसी व्यक्ति को चक्कर आने, अत्यधिक पसीना आने या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।

किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण समय

मौसम में संभावित बदलाव किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कई क्षेत्रों में किसान खरीफ फसलों की तैयारी में जुटे हुए हैं। बारिश की शुरुआत होने से धान की खेती और अन्य कृषि गतिविधियों को गति मिल सकती है। हालांकि तेज आंधी और वज्रपात की स्थिति में खेतों में काम कर रहे किसानों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि खराब मौसम की चेतावनी मिलने पर किसान खुले खेतों में काम करने से बचें और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।

मानसून की बढ़ती सक्रियता से बदलेगा मौसम

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है। यदि वर्तमान परिस्थितियां बनी रहती हैं तो अगले कुछ दिनों में बिहार के अधिकतर हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इससे बारिश का दायरा बढ़ेगा और लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना बनेगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि जून के दूसरे सप्ताह में राज्य के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल सकता है। बारिश की आवृत्ति बढ़ने के साथ तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को राहत मिलेगी और कृषि क्षेत्र को भी लाभ होगा।

लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान दें। आंधी और बिजली गिरने की संभावना होने पर घरों के अंदर रहें, मोबाइल फोन का सीमित उपयोग करें और खुले स्थानों पर खड़े होने से बचें। यात्रा करने वाले लोग मौसम की जानकारी लेकर ही घर से निकलें।

राज्य में फिलहाल मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। ऐसे में आने वाले कुछ दिन बिहार के लिए काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। जहां एक ओर भीषण गर्मी लोगों की परीक्षा ले रही है, वहीं दूसरी ओर मानसून की दस्तक राहत की उम्मीद भी जगा रही है।

यह भी पढ़ें: • alamkikhabar.com/rjd-mlc-seat-candidate-final-decision-lalu-yadav • alamkikhabar.com/patna-fire-safety-action-hotel-private-hospital-sealing • alamkikhabar.com/

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *